महिलाओ ने हिंसा के खिलाफ निकाला मोर्चा

महिलाओ ने हिंसा के खिलाफ निकाला  मोर्चा

महिलाओ के बढ़ती हिंसा के विरोध मे नागरिक पहल ने निकाला मोर्चा । यह मोर्चे को पटना के गांधी मैदान से लेकर राजभवन तक जाना था पर वह राजभवन तक नहीं पहुँच सका ,बीच मे ही उसे रोक लिया गया ।

सामाजिक कार्यकर्ता रजनी जी कहती है की राज्य में महिलाये सुरक्षित नहीं है। उनका कहना है की जहानाबाद रेप  केस में पुलिस कोई कारवाई  नहीं कर रही है। जहानाबाद में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार हुआ है पर पुलिस उसे छेड़खानी बता रही है। जबकि पीड़िता ने 164 के बयान  में मजिस्ट्रेट के सामने सबकुछ बताया फिर भी अभी तक पुलिस के तरफ से कोई कारवाई  नहीं हुई। पुलिस ने पीड़िता को महिला एवं मानवाधिकार के टीम से मिलने व बात करने नही दिया । रजनी जी ने सवाल उठाया की महिलाओं की सुरक्षा अब कौन करेंगा।

मोर्चा मे उपस्थित दूसरी कार्यकर्ता  रेशमा जी कहती है – बलात्कार जैसे घटनाओ  पे उनकी लड़ाई जारी है। उन्हे  यह देख कर बहुत हैरानी हो रही है की राज्य की  पुलिस किस तरह घटनाओं को  देख के भी अनदेखा कर रही  है। वो चाहती है की राज्य में महिला न्यायलय गठित कर अपराधियों के खिलाफ  जल्द से जल्द कारवाई की जाए  ।

सामाजिक कार्यकर्ता संध्या जी का कहना है की आज के दौर में पोर्नोग्राफी गिरोह का पर्दाफास करना चाहिए  तथा पोर्नोग्राफी पर प्रतिबंध भी लगाया जाना चाहिए  ।

मोर्चा मे मौजूद कार्यकर्ता डॉ ममता आनंद कहती है की सरकार को महिलाओं के प्रति  बढ़ती अत्याचार को सुधारना होगा । उसी से राज्य की महिलाएं सुरक्षित हो पाएगी। सरकार के प्रति आलोचना करते हुए उन्होने कहा की जब 2010 में नितीश जी की सरकार बनी थी उस समय और अब के समय में आसमान – ज़मीन का अंतर है।

सरकारी संस्था राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड  ब्यूरो की हालिया रिपोर्ट के अनुसार बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाओ में 2010  से 2016  के बीच में 88 प्रतिशत  की विद्धि  हुई है।इस अवधि में बलात्कार की घटनाये 26 प्रतिशत बढ़ी है। 2012-16  के बीच बच्चों  के खिलाफ अपराध की घटनाओ में 36 प्रतिशत  की विद्धि  हुई है। 2016 में बिहार की 3037 लड़किया गायब हुई है।

महिलाओ  के खिलाफ बढ़ती हिंसा को सरकार को रोकना होगा। सरकार को इसके बारे में कुछ कड़े फैसले लेने होगे। जिससे हमारी राज्य की महिलाओं पर हो रहे हिंसा को रोका जा सके और वह निडर हो कर अपना जीवन व्यापन कर सके ।

उज्जवल कुमार सिन्हा

संत . ज़ेवियर कॉलेज

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