याद आएंगे पूर्व प्रधानमंत्री के अटल इरादे

याद आएंगे पूर्व प्रधानमंत्री के अटल इरादे

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार की शाम दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (एम्स) में निधन हो गया। दिल्ली एम्स से जारी मेडिकल बुलेटिन से मिली इस जानकारी से पूरे देश में शोक की लहर फैल गई है।
वाजपेयी बीते कई दिनों से दिल्‍ली एम्‍स में भर्ती थे। बुधवार की शाम उनकी हालत नाजुक होने की खबर आई। इसके बाद एम्‍स में मिलने वालों का तांता लग गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेता पूर्व प्रधानमंत्री का हालचाल लेने पहुंचे।
 संसद और राज्यसभा के सदस्य रहे
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कुल मिलाकर 47 साल तक संसद के सदस्य रहे। वह 10 बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के लिये चुने गए। वाजपेयी 1962 और 1986 में राज्यसभा के लिये निर्वाचित हुए।
वाजपेयी 1996 से 2004 के बीच तीन बार प्रधानमंत्री भी रहे। पहली बार 13 दिन के लिये, फिर 1998 और 1999 के बीच 13 महीनों के लिये और फिर 1999 से 2004 तक।
मुंबई में पार्टी की एक सभा में दिसंबर 2005 में वाजपेयी ने चुनावी राजनीति से अपने को अलग करने की घोषणा की। इसके बाद उन्होने अपना सारा कार्यभार लाल कृष्ण आडवाणी को सौप दिया, और खुद को राजनीति से दूर करने का फैसला कर लिया।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तो नहीं रहे पर अपने अटल इरादे से कितनों के लिए प्रेरणाश्रोत बन गए।

 

उज्जवल कुमार सिन्हा

Leave a Reply

Your email address will not be published.