समय-समय पर रेल टिकट मे किया जाए इजाफा : संसदीय समिति

समय-समय पर रेल टिकट मे किया जाए इजाफा : संसदीय समिति

रेल की मौजूदा हालत को सुधारने की दिशा में ससंदीय समिति ने सुझाव दिया है कि रेल टिकट के किराए में तर्कसंगत बढ़ोतरी की जानी चाहिए। उनका कहना है कि रेलवे के घाटे की भरपाई के लिए किराये में समय-समय पर इजाफा करना जरूरी है।

रेलवे के मुताबिक, घाटे की प्रमुख वजह काफी समय से यात्री किराये में वृद्धि न हो रही भी है। हालांकि ट्रेन की कुछ श्रेणियों के किराये में इजाफा किया गया है। इन श्रेणियों के यात्रियों की संख्या सीमित है।

नकदी की दिक्कत से जूझ रही भारतीय रेलवे देश में रोजगार देने वाला सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा संगठन है। वर्तमान में यह पेंशन भुगतान के दबाव में चल रहा है। रेलवे को सालाना 50 हजार करोड़ रुपये पेंशन के रूप में भुगतान करने पड़ते हैं जबकि यात्री मद में इसका घाटा बढ़कर 35 हजार करोड़ रुपये हो गया है।

रेलवे ने बीते पांच वर्ष यानी 2013-14 से लेकर 2017-18 के दौरान सिर्फ 2014-15 को छोड़कर शेष अवधि में रेलवे के आंतरिक राजस्व पैदा करने के लक्ष्य के मुकाबले रेलवे की आमदनी में कमी आई है। यह कमी वर्ष 2013-14 में 2,828 करोड़ रुपये, 2015-16 में 789 करोड़ रुपये, 2016-17 में 2,782 करोड़ रुपये और 2017-18 में 8,238 करोड़ रुपये की आमदनी मे कमी आई है।

 

उज्जवल कुमार सिन्हा

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