समान काम समान वेतन पर शिक्षकों का बढ़ा इंतज़ार

समान काम समान वेतन पर शिक्षकों का बढ़ा इंतज़ार

बिहार मे समान काम समान वेतन पर शिक्षको का इंतज़ार बढ़ते ही जा रहा है। इस मामले मे राज्य के 3 लाख 60 हज़ार नियोजित शिक्षक  बेसब्री से इंतज़ार कर रहे है। इस मामले मे  गुरुवार को सूप्रीम कोर्ट मे बिहार और केंद्र सरकार का कहना है कि बिहार मे आर्थिक समस्या थोड़ी अधिक है। इस पर सूप्रीम कोर्ट ने पूछा कि दूसरे विभागो मे जैसे- स्वास्थ, पुलिस विभाग और अन्य विभागो आर्थिक समस्या नहीं है। तो सिर्फ शिक्षको के ही मामले मे आर्थिक समस्या कैसे शुरू हो जाती है। फिलहाल इस मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होने वाली है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस एएम स्प्रे और जस्टिस यूयू ललित की पीठ कर रहे है।

सरकार 20% बढ़ोतरी के लिए तैयार

सरकार के कहा जुलाई 2015 से ही शिक्षको को वेतनमान दिया जा चुका है। 2015 मे 14 और 2017  लगभग 17 प्रतिशत शिक्षको के वेतन पे बढ़ोतरी हुई है। शिक्षको की सेवा भी 60 वर्ष की गयी है। इन्हे 7 वां वेतन आयोग की अनुशंसा का लाभ भी मिला। वर्तमान वेतन मे सरककर 20 प्रतिशत बढ़ोतरी के लिए तैयार है।

ये मामला सिर्फ बिहार मे ही नहीं

केंद्र की ओर से एटार्नी जनरल वेणु गोपाल ने फिर दोहराया कि यह सिर्फ बिहार का मामला नहीं है। इस तरह के मामले अन्य राज्यो से भी उठने लगे है। ऐसे मे केंद्र सरकार का बोझ बढ़ जाएगा। केंद्र सरकार को इस पर सालाना 1.36 लाख करोड़ की अतिरिक्त राशि का बोझ पड़ेगा।

 

उज्जवल कुमार सिन्हा

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