पटना पशु विज्ञान विश्वविद्लाय में भी ई -लाइब्रेरी

अब पशु विज्ञान विश्वविद्लाय में भी ई -लाइब्रेरी सुविधा उपलब्ध

राज्य के एकमात्र पशुविज्ञान विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी पुष्तकालय बनायीं गई है।इसमें 15 हज़ार 816 किताबों के अलावा पांच हज़ार से अधिक सामयिक पत्रिकाएं रखी गई है। साथ ही आधुनिक वाय -फ़ायई -लाइब्रेरी की भी व्यस्था है।
इसमें ऑनलाइन जर्नल के साथ वेटनरी सीडी ,बुलिटेंन , व जीवी के आकड़े आदि कई बहुपयोगी जानकारियां है ।

बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्लाय के कुल पति डॉ रामेश्वर सिं ह ने ये बात मंगलवार को वेटिनरी कॉलेज में आयोजित ‘कृषि पुष्तकालय व उभरते तकनीकों का अभियंतिकरण :चुनौतियां व अवसर ‘विषय पर आयोजित नेशनल कॉन्फ्रेंस में कही।आयोजन बिहार पशुविज्ञान विश्वविद्यालय और भारतीय कृषि पुष्तकालय व दस्तावेगी संस्था ‘आल्दी’ की ओर से किया गया था। उन्होंने कहा की ऑनलाइन शोध पत्र की नक़ल ,प्रकाशनधिकारी का उलंघन आदि पर नियंत्रण आसान हो गया है।

सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथ बिहार के कुलपति प्रो एच. सी .एस राठौर ने कार्यक्रम में कहा की हाल के वर्षों में सुचना तकनीक में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए है , मौके पर राजेशमणि शर्मा , डॉ के चिरंजन , डॉ हंसराज , डॉ दिपक कुमार ,डॉ सरोज कुमार ,कुल सचिव डॉ .प्रदीप कुमार , डीन पी .जी  डॉ. हरिमोहन सक्सेना ,डीन डॉ. सामंतरे आदि मैजूद थे।

शिवनशु

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