पटना के कई इलाको मे बाढ़ की आशंका

गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से दियारा के दर्जनों गांवों में घर से लेकर सड़क तक पानी पहुंच गया है। पानी बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। लोगों का पलायन शुरू हो गया है। वहीं कुछ इलाके के लोग बाढ़ को देखते हुए रोजमर्रा के सामान ले जाते हुए दिखे। 

स्थानीय खबरों के मुताबिक, लोगों ने बताया कि तटवर्ती शंकरपुर, हरशामचक, नवदियरी, कासिमचक, हेतनपुर, पुरानी पानापुर समेत दियारे के प्राय: सभी गांवों के बाहरी इलाकों में नदी का पानी फैल गया है। एसडीओ अंशुल कुमार ने बताया कि अभी जल स्तर खतरे के निशान से नीचे है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अंचलाधिकारी को निर्देश दिए गए हैं। देवना नाले में जल स्तर 167.30 मापा गया है, जबकि खतरे का निशान 168 फुट है। सहायक अभियंता विजय कुमार प्रिंस ने बताया कि जलस्तर अभी प्रति घंटे आधा सेमी बढ़ रहा है। पूर्व जिला पार्षद ओमप्रकाश यादव ने बताया कि जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। सरकार नाव नहीं चलवा रही है। इस संबंध में अंचलाधिकारी से बात करने की कोशिश की जा रही है पर फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं। सरकारी नाव नहीं चलने से दियारावासी अपने-अपने गांवों व टोलों में बंधकर रह गए हैं। 

अथमलगोला में रामनगर दियारा सहित तटीय इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। रामनगर दियारा गांव के कई वार्ड पानी से पूरी तरह घिर गये हैं। सड़क से घर तक पानी पहुंच गया है। गणपत राय के टोला में सड़क पर पानी आ गया है। वहीं रामनगर करारी कच्छार पंचायत के गंगा तटीय इलाकों में भी लगातार पानी का दबाव बना हुआ है। धौकल राय के टोला एवं गंजपर गांव के तटीय क्षेत्र मे फैल रहा है।

19 सितम्बर, गुरुवार को बाढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी सुमित कुमार, बीडीओ अमित अनुराग, सीओ पंकज कुमार ने बाढ़ प्रभावित रामनगर दियारा गांव का दौरा किया और अधिकारियों को हालात पर नजर रखने के निर्देश दिये। एनडीआरएफ का दस्ता रामनगर पहुंच गया है। खुसरूपुर के बैकठपुर दियारे में गंगा का पानी फैल गया है। गुरुवार को पानी पुराने एनएच 30 तक पहुंच गया। बाढ़ के कारण दियारे की फसलें डूब गई हैं। 


क्षेत्र की पांच पंचायतों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गुरुवार को बाढ़ का पानी दियारे के निचले हिस्सों में प्रवेश कर गया। वहीं सैकड़ों एकड़ जमीन में लगी मक्का एवं सब्जी की फसल पानी में डूब गई है। एनडीआरएफ की टीम को ग्यासपुर तथा रामनगर के पास तैनात किया गया है। क्षेत्र से लोग सुरक्षित जगहों पर जाने लगे हैं। रूपस महाजी में लोग मवेशियों के साथ ऊंचे जगहों पर शरण लिए हुए हैं। लोगों ने नाव व मवेशियों के लिए चारे की मांग की है।

मनेर दियारा के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। प्रभावित लोग अंधेरे में जरूरत के कार्य के लिए जान को जोखिम में डालकर मनेर शहर आने को विवश हैं। नाव की व्यवस्था करने की गुहार अब तक अनसुनी है। बाढ़ के पानी से हल्दी छपरा, दुधेला, सात अना, महावीर टोला, इस्लामगंज, धजवा टोला, नया टोला, छिहत्तर, मुंजी टोला समेत आधा दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित है। वहीं मनेर शहर से संपर्क भंग हो चुका है। लोगों ने बताया कि रात के अंधेरे में किसी तरह की जरूरत पड़ने पर गर्दनभर पानी में घुसकर आने-जाने को विवश हैं। जहरीले कीड़े-मकोड़ों का भी सामना करना पड़ रहा है। 

गंगा-पुनपुन के जल स्तर में वृद्धि से गढ़ोचक प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राज कुमार ने बताया कि स्कूल में भी जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। इस वजह से बच्चों ने स्कूल आना बंद कर दिया है। इसकी जानकारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दे दी गई है।