सामज की कुरीतियों, इतिहास और आज के समय से जोड़ता अर्थशिला का नाटक स्टोरीज इन अ सांग

सामज की कुरीतियों, इतिहास और आज के समय से जोड़ता अर्थशिला का नाटक स्टोरीज इन अ सांग

पटना: प्रेमचंद रंगशाला मे 23 जून की शाम अर्थशिला ने एक नाटक प्रस्तुत किया। स्टोरीज़ इन अ सॉन्ग नामक इस डांस ड्रामा मे भारत के इतिहास से लेकर अभी के समय तक को जोड़ा गया। सुनील शानबाग निर्देशित इस नाटक मे कलाकारों ने समाज के कई तत्वों को साथ जोड़ने की कोशिश की।

इस नाटक की शुरुवात साल 1923 की एक घटना से किया गया। किस प्रकार उस समय लोगों ने वेश्यावृत्ति का विरोध किया था। उसके बाद गांधी जी ने वराणसी मे वैश्याओं की महासभा बुलाई थी। इस कहानी के बाद एक बहादुर लड़की की कहानी दिखाई गयी। कहानी मे दिखया गया की किस प्रकार वो बहादुर लड़की एक ब्रिटिश पुलिस ऑफिसर को थपड़ मार देती है। अगले सीन मे एक ब्रिटिश महिला का भारतीय संगीत के प्रति प्रेम को दिखाया गया। आखिर मे ये नाटक 2019 मे भी पहुँचता है। किस तरह आजकल संगीत के कॉपीराइट को लेकर हमेशा महाभारत छिड़ी रहती है। इस पर भी इस नाटक मे एक दृश्य दिखाया गया। आज के परिपेक्ष मे यह दृश्य काफी वास्तविक लग रहा था। इन्हीं छोटी-छोटी सीन्स को मिलकर इस बेहतरीन प्ले को बनाया गया था।

नाटक के कलाकार ने एकदम पेशेवर ढंग से अभिनय करते नजर आए। अपनी बेहतरीन अभिनय से कलकारों ने सभी दृश्यों को कुछ समय के लिए जीवंत कर दिया था। नाटक के सभी कलाकार मुंबई से इस खास प्रस्तुति को देने पटना आए थे। नमिता दास, केतकी ठट्टे, शुभोजीत भारत, संतोष तिवारी, गगनदीप सिंह, सैलेश हेज्मंदी इस नाटक के मुख्य कलाकार थे।

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रोहित कुमार