ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

ग्रामीण पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

बिहार सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ अब ग्रामीण पर्यटकिय स्थलों का विकास करेगी। इस सिलसिले में पर्यटन विभाग के उच्चपदस्थ अधिकारी के अनुसार भारत पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (आईटीडीसी) ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने का भरोसा दिया है और यह तय किया की भारत पर्यटन विकास लिमिटेड को बढ़ावा देने के लिए ठोस योजना पर काम हो। केंद्र सरकार की स्वदेश योजना के अंदर 43 स्थलों का चयन किया गया है।

फिलहाल, पहले चरण में दो टूरिज़्म सर्किट के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गयी है। जिसमें एक सर्किट मोतीहारी-बेतिया-रक्सौल-वालिमिनगर-सुगौली के बीच बनेगी। साथ ही वहीं दूसरी सर्किट का निर्माण पटना-अरवल-जहानाबाद के बीच बनेगी। निर्माण में खर्च होने वाली राशि 62.34 करोड़ जिसका जिम्मा केंद्र सरकार लेगी।

बता दें इन दो सर्किट को विकसित करने की मंजूरी दे दी गयी है। उसी के अंतर्गत आने वाले शहरों के पर्यटकिय स्थलों को भी विकसित किया जाएगा। इन स्थलों को विकसित एवं सरंक्षित करने के अलावा आर्ट एंड क्राफ्ट , कैफेटेरिया, वॉच टावर, झरना और सीसीटीवी आदि को व्यवस्था की जाएगी ताकि आने वाले पर्यटक इन सब चीजों का लुत्फ उठा सके। इसमें चार कल्चरल जोन होंगे। बिहार की चार ऐतिहासिक सांस्कृतिक क्षेत्र मगध, मिथिला, भोजपुर जैसे क्षेत्र शामिल है। ऐसा माना जा रहा है की इस बनाई गयी योजना को जल्द ही तैयार किया जाएगा और इन क्षेत्रो के नाम के साथ “ग्राम” की भी स्थापना की जाएगी।

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इस योजना के तहत यहाँ आने वाले पर्यटकों को इन क्षेत्रों विशेष वस्तु, व्यंजनों जैसी चीजों की सुविधा मिलेगी। इस फैसले का मुख्य उदेश्य है बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता एवं योजनाबद्ध के स्तर पर करना साथ ही आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देना ताकि आने वाले वक़्त में बिहार में ग्रामीण पर्यटन में कोई समस्या ना हो।

शाम्भवी